वैसे तो आस्था की कोई कीमत नहीं होती है पर हीरे के इन गणेश जी के लिए आसोदरिया परिवार के पास अब तक 600 करोड़ रूपए तक के ऑफर आ चुके हैं, पर आसोदरिया परिवार इन्हें बेचने का इच्छुक नहीं है और बेचे भी कैसे अब ये इनके आराध्य जो बन चुके हैं।आइए आपको थोड़ा और पास्ट में ले चलते हैं, दरअसल कनु भाई ने वर्षों पहले जब बेल्जियम से डायमंड का जखीरा मंगाया था तभी उसमें से भगवान गणेश जी के आकार का एक बड़ा डायमंड निकला था। बस तभी से कनु भाई और उनके पारिवारिक लोगों ने इनकी पूजापाठ शुरू कर दी थी। इस पूजा-पाठ में चंद लोग ही शामिल होते थे.. डर लगता है भाई कहीं कोई इन्हें चुरा ले गया तो! हीरा जगत की विश्वव्यापी संस्था ने उन्हें इस बात का प्रमाण पत्र भी दिया है कि इस हीरे से कोई छेड़-छाड़ नहीं की गई है इसका आकार कुदरती है।कनु भाई की मानें तो उनके कुछ दोस्तों की सलाह के बाद वो भगवान गणेश रूपी इस डायमंड को अब लोगों के सामने दर्शन के लिए पेश करना चाहते हैं।
कनु भाई ने बताया कि डायमंड गणेश की यह आकृति मुंबई के सिद्धी विनायक मंदिर में रखी जा चुकी है वहां के पुजारियों और भक्तों ने भी इसके दर्शन का लाभ लिया है।
आपके लिए बेहतरीन अजब गजब Posts

यही नहीं देश-विदेश के कई जानी-मानी हस्तियां इन 600 करोड़ रुपए के गणेश जी के दर्शन के लिए सूरत आ चुकी हैं। कोहिनूर हीरे से भी यह गणेश हीरा ज्यादा कीमती है क्योंकि कोहिनूर का वज़न 105 कैरेट है जबकि इस गणेश रूपी हीरे का वज़न 182 कैरेट 53 सेंट है लेकिन कोहिनूर तो एक ही हो सकता है।