4. लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर
भुवनेश्वर शहर की सुंदरता ही उसमें समाए इस लिंगराज मंदिर से बनती है. रोज़ाना दूर-दूर से भक्त इस मंदिर के दर्शन करने के उद्देश्य से ही भुवनेश्वर आते हैं लेकिन इसी बीच सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि केवल हिन्दू धर्म के लोग ही मंदिर के भीतर जा सकते हैं. आंकड़ों की मानें तो औसतन रोजाना इस मंदिर में छह हजार से ज्यादा भक्तों का जमावड़ा लगता है और त्यौहार के समय तो यह संख्या लाखों की तादात में पहुंच जाती है. कहते हैं कि इस मंदिर की महानता को देखते हुए दूर पश्चिमी देशों से भी भक्त दर्शन करने आते थे. लेकिन वर्ष 2012 में 35 वर्षीय एक रूसी पर्यटक ने यहां आकर मंदिर के कुछ कर्म-कांडों में अड़चन उत्पन्न कर दी. करीब चार घंटे तक उस इकलौते पर्यटक के कारण मंदिर में उथल-पुथल मच गया. जिसके बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा मंदिर की शुद्धि करके तकरीबन 50,000 रुपये की कीमत रखने वाले प्रसाद को फेंका गया. इस घटना के बाद से ही मंदिर के ट्रस्ट बोर्ड द्वारा गैर-हिन्दुओं का मंदिर परिसर में दाखिल होना बंद करवाया गया.