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364 दिन में शुरू हो जायेगा अयोध्या मंदिर का निर्माण कार्य ,हर हाल में 2018 में मंदिर का निर्माण होगा।

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कानपुर: जगदाचार्य स्वामी नारदानंद महाराज की पुण्यतिथि पर हुए संत सम्मलेन के दौरान देश भर के संतों ने हिस्सा लिया। संतों ने मिलकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का शंखनाद भी लिया। मंदिर निर्माण को लेकर सरकार की नीतियों पर भी कई सवाल उठे। संतों ने सवालों का जवाब भी दिया। रविवार को हुए इस सम्मलेन में हिस्सा लेने आये पूर्व गृहमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा। इसका निर्माण 365 दिन में नहीं बल्कि 364 दिन से पहले ही शुरू हो जायेगा।

लोगों की पहचान धर्म या जाति से नहीं बल्कि देश से है:

उन्होंने आगे कहा कि आज देश के लोग जाती और पंथ के नाम पर बंट गए हैं। यह स्थिति किसी भी तरह से ठीक नहीं है। चीन, अमेरिका और अन्य देशों में लोग खुद को हिन्दू, मुस्लिम, सिख और इसाई नहीं कहते हैं बल्कि वह खुद को अमेरिकी और चीनी मानते हैं। उनकी पहचान जाति और धर्म से नहीं बल्कि देश से है। हम आज बनते हुए हैं इसीलिए आज चीन हमें आँखें दिखा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के उपाध्यक्ष और सांसद राम विलास वेदांती ने कहा कि रामभक्तों ने मस्जिद को नहीं तोड़ा था बल्कि मंदिर के खंडहर को गिराया था, ताकि वहाँ भव्य मंदिर का निर्माण हो सके।

हिन्दू नहीं होता आतंकवादी:

मंदिर का निर्माण कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि संत मिलकर करवाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए अगर फाँसी पर भी लटकना पड़ेगा तो पीछे नहीं हटेंगे। 2018 में राज्यसभा में बीजेपी को बहुमत मिलते ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनेगा। बीजेपी ने कभी भी नहीं कहा है कि मंदिर मुद्दा उनके एजेंडे में है। बीजेपी हमेशा यही कहती है कि मंदिर निर्माण के रास्ते में आने वाली बाधा को दूर करना है। इस प्रयास में केंद्र सरकार लगी हुई है। अभिनेता कमल हासन के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह जान लें कि हिन्दू आतंकवादी नहीं होता है।

इस बार नहीं चलेगी कोई बहानेबाजी:

दिगंबर अखाड़ा अयोध्या के महंत स्वामी सुरेश दास ने कहा कि इस समय केंद्र और प्रदेश दोनों ही जगहों पर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है, इसलिए इस बार मंदिर निर्माण को लेकर कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। हर हाल में 2018 में मंदिर का निर्माण कराना ही होगा। उन्होंने देश में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनाने की भी मांग की। जैन मुनि कमल मुनि कमलेश ने कहा कि नोटबंदी का कानून चार घंटे में बन सकता है तो मंदिर का क्यों नहीं? सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण कराए।

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