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खुश रहने वाले लोगो की तीन आदते 3 Habit Of Happy People In Hindi

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खुश रहने वाले लोगो की तीन आदते 3 Habit Of Happy People In Hindi

हमारे आसपास कई ऐसे लोग होते है जो हमेशा हमें बहुत खुश नजर आते है. चाहे दुःख हो या ख़ुशी वे हर मौके पर खुश होने का बहाना ढूंढ ही लेते है. ऐसे लोगो में कुछ खास आदते होती है जिस कारण वे हमेशा खुश नजर आते है. वही कई ऐसे लोग भी होते है जो अपनी Life में बहुत Safal होते है लेकिन वो कभी भी खुश नहीं रह पाते.

अब आप सोचेंगे की ऐसा क्यों ? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन दोनों लोगो की Habits में diffrence होता है. ख़ुशी का सफलता से बस Temporary Connection होता है, अगर आप सोचते है की आप सफल होने के बाद हमेशा खुश रहोगे तो आप गलत सोचते है. सफलता की गारंटी ख़ुशी की गारंटी नही है. चलो अब बहुत बातें हो गई, अब मैं आपको खुश रहने वाले लोगो की तीन आदते बताता हूँ.

1दुसरो से कोई उम्मीद नहीं रखते :

जी हाँ, आपने सही पढ़ा. खुश रहने वाले लोग दूसरो से कोई उम्मीद या अपेक्षा नहीं रखते. अगर आप ऐसे व्यक्ति है जो अपने किसी काम के लिए दूसरो पर उम्मीद लगाये रखते हो तो आप दुखी ही रहोगे.           For Example – कोई बाप अपने बेटे से हमेशा यह उम्मीद करता है की उसका बेटा हमेशा उसके अनुसार ही चलेगा और जैसे राय वह देगा उसका बेटा उसी हिसाब से चले. अगर उस पिता की ऐसी mentality है तो उस पिता को दुखी होने से कोई नहीं बचा पायेगा.

आप दुसरो पर भरोसा रखे और उनसे आशा भी करे. लेकिन किसी भी बात को उनपर थोपकर उम्मीद न लगाए. हमारा सिर्फ खुद पर अधिकार है किसी दूसरे को हम Control नही कर सकते. आप दूसरो को सिर्फ सही रास्ता दिखा सकते है, बाकी उनकी मर्जी होती है की वह उस रास्ते पर चले या नहीं. इसलिए खुश रहना है तो दूसरो की Care करे पर उनसे आँख बंद करके उम्मीद मत लगाये.

2खुद पर डिपेंड रहते है :

खुश रहने वाले लोगो की दूसरी आदत होती है खुद पर डिपेंड रहना. खुश रहने वाले लोग कभी भी किसी भी स्थिति में दूसरो के भरोसे नहीं बैठे रहते. वो खुद को इतना काबिल बना लेते है की हर स्थिति को खुद ही संभाल लेते है. जब आप अपने किसी काम के लिए दुसरो के भरोसे हो जाते हो और आपके भरोसे के अनुसार वह काम नहीं होता तो आप दुखी हो जाते है.

For Example: घर में जब मुझे कोई काम करना हो, खाना बनाना हो या कुछ भी Other Work करना हो तो उसके लिए मैं किसी दूसरे पर Depend नहीं रहता. दुसरे लोग अगर वह काम अपनी मर्जी से कर देते है तो वह सोने में सुहागा है लेकिन हम हमेशा उनपर ही depend होने लग जाए तो दुःख हमारे साथ ही चलेगा.

एक बच्चा अपनी माँ पर हमेशा depend रहता है और जब उसकी माँ बच्चे से थोड़ा भी दूर जाए तो वह बच्चा रोने लग जाता है यानी दुखी हो जाता है. इसलिए दुसरो के साथ रहे और ख़ुशी से रहे लेकिन दुसरो पर हमेशा depend न रहे.

3वही करते है जो उनको पसंद है :

खुश रहने वाले लोगो की तीसरी आदत होती है – उसी काम को करना जिस काम को करके उन्हें ख़ुशी मिले. आज अधिकांश लोग वह काम करते है जो दूसरे लोग उनसे करवाते है या करने के लिए बोलते है, इसीलिए वे हमेशा दुखी रहते है. जो दुसरो के हिसाब से अपनी ज़िन्दगी जियेगा वह कुछ Moment के लिए तो Happy हो सकता है लेकिन अपनी लाइफ से संतुष्ट नहीं हो सकता.

खुश रहना है तो simple सा तरीका है की वही करे जो आपके अंदर से आवाज आती है. अपने अंदर की आवाज को मरने मत दे. जो आपको पसंद है आप वही अगर करते है तो आप हमेशा खुश रहोगे चाहे वह काम करने में आपको कितनी मुश्किल क्यों नहीं आ रही हो.

For Example : मोहन का मन है की वह बिजनेस करे लेकिन उसके पिताजी चाहते है की वह इंजीनियरिंग की पढाई करके एक अच्छी नौकरी करे. अगर मोहन अपने पिता की बात सुनकर उनके अनुसार ही नौकरी करने लगेगा तो वह दुखी ही रहेगा क्योंकि उसका interst उस चीज में नहीं है. वही अगर वह पिता की बात को टालकर अपना पसंदीदा काम यानि बिजनेस करे तो उसे उस काम को करने में जो ख़ुशी मिलेगी वह हर कीमत से अनमोल है. इसलिए काम करे लेकिन वही कम करे जो आपको पसंद हो, आपकी लाइफ है इसलिए इसपर हक़ भी आपका है.

तो दोस्तों यह लेख था खुश रहने वाले लोगो की तीन आदते. खुश रहने के लिए हमें किसी भी Reason की जरूरत नहीं होती. अगर हम चाहे तो किसी भी क्षण में खुश रह सकते है. अगर आप अपने बाहरी दुनिया की मारामारी से निकलकर देखोगे तो आपको खुश रहने के हजारो रीज़न मिलने लगेंगे. इसलिए अब आप भी खुश रहने की ये तीन आदते अपनी लाइफ में शामिल करे और हमेशा Happy रहे.

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